लिख रही हूं

अपनी कुछ कही हुई बातें लिख रही हूं,
हमारी कुछ भूली हुई यादें लिख रही हूं,
तेरी इन खुशी के आंसूओं के पानी में,
मैं अपनी किस्मत की कहानी‌ लिख रही हूं।

अलग से सोए हुए ख्वाब लिख रही हूं,
अजीब और अनजाने से राज़ लिख रही हूं,
तेरी चेहरे की मुस्कुराहट में,
मैं अपनी नई रवानी लिख रही हूं।

हमारे कुछ रूठे हुए लम्हे लिख रही हूं,
बिछड़कर कुछ टूटे हुए सपने लिख रही हूं,
तेरी उंगलियों को थामें हुए,
मैं अपने नए रास्तों की परेशानी लिख रही हूं।

आपस की कुछ भूली हुई मुलाकातें लिख रही हूं,
अपनी कुछ अनकही ख्वाहिशें लिख रही हूं,
तेरी बाहों की कोमल सी छाया में,
मैं अपनी ज़िन्दगानी लिख रही हूं।

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